मिल चले या बंद रहे, किराया, ब्याज और वेतन वही रहते हैं। देखें कि महीने में कितने क्विंटल पर आपकी कमाई इन खर्चों को पूरा करती है।
प्रति क्विंटल कमाई = मिलिंग चार्ज (या मार्जिन) + उप-उत्पाद आमदनी − चालू खर्च। ब्रेक-ईवन मात्रा = मासिक स्थायी खर्च ÷ प्रति क्विंटल कमाई। असली सवाल यह है कि आपकी असल क्षमता-उपयोग ब्रेक-ईवन से कितना ऊपर है; कुछ हफ़्ते की बंदी महीने को घाटे में बदल सकती है।
पूरी जानकारी और सवाल-जवाब अंग्रेज़ी में: Milling break-even & profit। ऊपर कैलकुलेटर में भाषा बदलकर गुजराती, मराठी, बंगाली, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ या ओड़िया भी चुनी जा सकती है।
MillSaathi यही हिसाब आपके असली तौल-पर्चों पर हर दिन अपने-आप करता है। सारे मॉड्यूल मुफ़्त, यूज़र असीमित, कोई कार्ड नहीं।